53 वर्ष पुराने स्कूल भवन में पढ़ने को मजबूर बच्चे, ओड़कापारा प्राथमिक शाला की जर्जर हालत पर उठे सवाल
केशकाल/ओड़कापारा विकासखंड केशकाल ओड़कापारा स्थित शासकीय प्राथमिक शाला का भवन जर्जर अवस्था में पहुंच चुका है। वर्ष 1973 में स्थापित इस विद्यालय की दीवारों में कई स्थानों पर दरारें दिखाई दे रही हैं, जिससे यहां अध्ययनरत बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों और ग्रामीणों में चिंता बढ़ गई है।
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जानकारी के अनुसार शासकीय प्राथमिक शाला ओड़कापारा, संकुल केंद्र केशकाल (डाइस कोड- 22171201324) में नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत हो चुकी है, लेकिन भवन की मरम्मत अब तक नहीं कराई गई है। ग्रामीणों का कहना है कि गर्मी की छुट्टियों के दौरान भवन की मरम्मत या आवश्यक सुधार कार्य कराया जा सकता था, किंतु जिम्मेदार अधिकारियों की उदासीनता के चलते स्थिति जस की तस बनी हुई है।
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[wonderplugin_carousel id="2"]विद्यालय में प्रतिदिन बच्चे अध्ययन करने पहुंच रहे हैं, जबकि भवन की जर्जर हालत किसी भी समय दुर्घटना का कारण बन सकती है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि विद्यालय की स्थिति से विभागीय अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है, इसके बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
ग्रामीणों एवं अभिभावकों ने बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए भवन की तत्काल मरम्मत अथवा वैकल्पिक व्यवस्था किए जाने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते आवश्यक कदम नहीं उठाए गए और कोई अप्रिय घटना घटित होती है, तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित विभाग एवं अधिकारियों की होगी।
अब देखना यह होगा कि शिक्षा विभाग इस गंभीर मामले पर कब संज्ञान लेता है और जर्जर विद्यालय भवन की मरम्मत के लिए कब तक आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाती है।
