रिंग गेम के नाम पर जुआ, केशकाल मेले में बढ़ती चिंता रिंग गेम के नाम पर जुआ, केशकाल मेले में बढ़ती चिंता
केशकाल मेले में खुलेआम जुआ, बच्चों पर पड़ रहा गलत असर
प्रशासन की कार्रवाई का इंतजार
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[wonderplugin_carousel id="2"]केशकाल। जिला कोंडागांव के केशकाल नगर पंचायत में इन दिनों आयोजित मेले में खुलेआम जुआ संचालित होने की खबर सामने आई है। जहां मेला बच्चों के मनोरंजन और परिवारों के साथ समय बिताने का स्थान माना जाता है, वहीं इस तरह की गतिविधियों से मेले का माहौल प्रभावित हो रहा है।
स्थानीय लोगों के अनुसार मेले के प्रवेश द्वार के पास ही जुआ खेलने के लिए रिंग वाले खेल की दुकानें लगाई गई हैं, जिन पर बाकायदा बैनर भी लगाए गए हैं। इन दुकानों के आसपास बड़ी संख्या में बच्चे भी नजर आ रहे हैं, जिससे उनके ऊपर गलत प्रभाव पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
गौरतलब है कि केशकाल नगर पंचायत में हर वर्ष पारंपरिक मेले का आयोजन किया जाता है। यह मेला तीन दिनों तक चलता है, जिसमें नगर पंचायत के साथ-साथ आसपास के गांवों के लोग भी बड़ी संख्या में शामिल होकर मेले का आनंद लेते हैं।
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[wonderplugin_carousel id="2"]जानकारों का कहना है कि इस तरह के रिंग वाले जुए के खेल बच्चों और युवाओं को गलत आदतों की ओर आकर्षित कर सकते हैं, जो भविष्य के लिए चिंताजनक है। यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगाई गई तो ऐसे अवैध कार्यों को बढ़ावा मिल सकता है।
अब सवाल यह उठ रहा है कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाएगा। क्या जिम्मेदार अधिकारी मौके पर पहुंचकर जुए पर रोक लगाएंगे और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे, या फिर यह मामला यूं ही चलता रहेगा।
फिलहाल, आम जनता की नजर प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हुई है।केशकाल मेले में खुलेआम जुआ, बच्चों पर पड़ रहा गलत असर
प्रशासन की कार्रवाई का इंतजार
केशकाल। जिला कोंडागांव के केशकाल नगर पंचायत में इन दिनों आयोजित मेले में खुलेआम जुआ संचालित होने की खबर सामने आई है। जहां मेला बच्चों के मनोरंजन और परिवारों के साथ समय बिताने का स्थान माना जाता है, वहीं इस तरह की गतिविधियों से मेले का माहौल प्रभावित हो रहा है।
स्थानीय लोगों के अनुसार मेले के प्रवेश द्वार के पास ही जुआ खेलने के लिए रिंग वाले खेल की दुकानें लगाई गई हैं, जिन पर बाकायदा बैनर भी लगाए गए हैं। इन दुकानों के आसपास बड़ी संख्या में बच्चे भी नजर आ रहे हैं, जिससे उनके ऊपर गलत प्रभाव पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
गौरतलब है कि केशकाल नगर पंचायत में हर वर्ष पारंपरिक मेले का आयोजन किया जाता है। यह मेला तीन दिनों तक चलता है, जिसमें नगर पंचायत के साथ-साथ आसपास के गांवों के लोग भी बड़ी संख्या में शामिल होकर मेले का आनंद लेते हैं।
जानकारों का कहना है कि इस तरह के रिंग वाले जुए के खेल बच्चों और युवाओं को गलत आदतों की ओर आकर्षित कर सकते हैं, जो भविष्य के लिए चिंताजनक है। यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगाई गई तो ऐसे अवैध कार्यों को बढ़ावा मिल सकता है।
अब सवाल यह उठ रहा है कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाएगा। क्या जिम्मेदार अधिकारी मौके पर पहुंचकर जुए पर रोक लगाएंगे और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे, या फिर यह मामला यूं ही चलता रहेगा।
फिलहाल, आम जनता की नजर प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हुई है।

