यूपीआई पर शुल्क लगाने की चर्चा का तिलक पांडे ने किया विरोध, बोले- आम जनता पर बढ़ेगा आर्थिक बोझ
बस्तर। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के बस्तर संभाग परिषद संयोजक तिलक पांडे ने यूपीआई लेनदेन पर शुल्क लगाए जाने की चर्चा का विरोध किया है। उन्होंने इसे आम उपभोक्ताओं और छोटे व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने वाला कदम बताया।
तिलक पांडे ने कहा कि यूपीआई के माध्यम से छोटे दुकानदारों, मजदूरों, किसानों, विद्यार्थियों और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए डिजिटल भुगतान आसान हुआ है। उनके अनुसार, लेनदेन पर शुल्क लगाए जाने से इसका प्रभाव सीधे आम उपभोक्ताओं और छोटे व्यापारियों पर पड़ सकता है।
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[wonderplugin_carousel id="2"]उन्होंने केंद्र सरकार से यूपीआई को निःशुल्क भुगतान व्यवस्था के रूप में जारी रखने तथा शुल्क से जुड़े किसी भी निर्णय से पहले उपभोक्ताओं, छोटे व्यापारियों और संबंधित संगठनों से व्यापक चर्चा करने की मांग की।
तिलक पांडे ने कहा कि यदि यूपीआई पर शुल्क लगाने का निर्णय लिया जाता है, तो भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी आम जनता, छोटे व्यापारियों और उपभोक्ताओं को साथ लेकर लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करेगी।
