केशकाल वनमंडल में साइन बोर्ड खरीदी पर उठे सवाल, पूर्व वरिष्ठ पार्षद सगीर खान ने की उच्च स्तरीय जांच की मांग केशकाल।

केशकाल वनमंडल में साइन बोर्ड की खरीदी को लेकर अनियमितता के आरोप सामने आए हैं। पूर्व वरिष्ठ पार्षद सगीर खान ने साइन बोर्ड खरीदी की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए पूरे मामले की उच्च स्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
सगीर खान ने आरोप लगाया कि वनमंडल में प्रति साइन बोर्ड 10 हजार रुपये की दर से खरीदी की गई, जबकि उनके अनुसार बाजार में इसी प्रकार के साइन बोर्ड 2 हजार रुपये से भी कम कीमत पर उपलब्ध हैं। उन्होंने इस अंतर को लेकर खरीदी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाए और छत्तीसगढ़ भंडार क्रय नियमों के पालन की जांच की मांग की।
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[wonderplugin_carousel id="2"]उन्होंने आरोप लगाया कि खरीदी में छत्तीसगढ़ भंडार क्रय अधिनियम, 2002 तथा वर्ष 2022 में किए गए संशोधनों के प्रावधानों का उल्लंघन हुआ है। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
वनों की सुरक्षा के बजाय निर्माण कार्यों पर ध्यान देने का आरोप
सगीर खान ने केशकाल वनमंडल के कार्यों पर सवाल उठाते हुए कहा कि क्षेत्र में बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई, वन क्षेत्रों में अतिक्रमण और आरक्षित वनों में मुरुम सहित गौण खनिजों के कथित अवैध उत्खनन की शिकायतें सामने आ रही हैं।
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[wonderplugin_carousel id="2"]उन्होंने आरोप लगाया कि वन विभाग का प्राथमिक दायित्व वनों की सुरक्षा करना है, लेकिन विभाग का ध्यान निर्माण कार्यों पर अधिक केंद्रित दिखाई दे रहा है। उन्होंने इन गतिविधियों की भी जांच कराकर जिम्मेदारी तय करने की मांग की।
स्वीकृत एपीओ के कार्यों का हो भौतिक सत्यापन
पूर्व वरिष्ठ पार्षद ने कहा कि स्वीकृत वार्षिक कार्ययोजना (एपीओ) के आधार पर वनमंडल में कराए गए कार्यों का भौतिक सत्यापन कराया जाना चाहिए। उन्होंने मांग की कि स्वीकृत राशि, खरीदी के बिल, दरों, कार्यों की वास्तविक स्थिति और मौके पर हुए निर्माण का मिलान किया जाए, ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता सामने आने पर नियमानुसार कार्रवाई हो सके।
उन्होंने संबंधित उच्चाधिकारियों से मांग की कि साइन बोर्ड खरीदी सहित वनमंडल में कराए गए विभिन्न कार्यों की निष्पक्ष जांच कराई जाए और जांच में अनियमितता प्रमाणित होने पर जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
