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केशकाल में 8 महीने से पेयजल संकट, अध्यक्ष निधि के 33 लाख रुपये कहां खर्च हुए? पूर्व वरिष्ठ पार्षद सगीर खान ने उठाए सवाल
केशकाल, जिला कोण्डागांव। नगर पंचायत केशकाल के वार्ड क्रमांक 13 एवं 15 में पिछले आठ महीनों से पेयजल समस्या बने रहने की बात सामने आई है। वार्डवासियों के अनुसार, लगातार शिकायतों के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। इस स्थिति पर पूर्व पार्षद सगीर खान ने चिंता जताते हुए नगर पंचायत अध्यक्ष की कार्यप्रणाली और अध्यक्ष निधि के तहत आवंटित लगभग 33 लाख रुपये के उपयोग पर सवाल उठाए हैं।
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[wonderplugin_carousel id="2"]पाइपलाइन मौजूद, फिर भी पेयजल संकट क्यों?
पूर्व वरिष्ठ पार्षद सगीर खान का कहना है कि संबंधित वार्डों में पाइपलाइन पहले से बिछी हुई है। ऐसे में एक नलकूप का खनन कराकर उसे पाइपलाइन से जोड़ दिया जाए, तो पेयजल संकट दूर करने में मदद मिल सकती है। उनके अनुसार, नलकूप खनन में लगभग 3 लाख रुपये का खर्च आ सकता है।
उन्होंने सवाल उठाया कि जब एक नलकूप के माध्यम से बस्तीवासियों को राहत देने की संभावना है, तो इस दिशा में पहल क्यों नहीं की गई? आखिर आठ महीनों से लोग पानी की समस्या का सामना करने को मजबूर क्यों हैं?
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[wonderplugin_carousel id="2"]अध्यक्ष निधि के 33 लाख रुपये कहां खर्च हुए?
पूर्व वरिष्ठ पार्षद सगीर खान ने सवाल उठाया कि शासन की ओर से दो वित्तीय वर्षों में नगर पंचायत अध्यक्ष निधि के लिए लगभग 33 लाख रुपये आवंटित किए गए। ऐसे में जनता को यह जानने का अधिकार है कि इस राशि को किन वार्डों में और किन मूलभूत सुविधाओं के विकास पर खर्च किया गया।
उन्होंने पूछा कि क्या अध्यक्ष निधि से एक मोहल्ले में नलकूप खनन कराकर पेयजल संकट दूर नहीं किया जा सकता था? साथ ही उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या अध्यक्ष निधि की राशि का उपयोग केवल सामग्री खरीदने के लिए ही किया जा सकता है या अन्य विकास कार्यों पर भी खर्च किया जा सकता है? उन्होंने निधि के उपयोग संबंधी नियमों और खर्च के विवरण को सार्वजनिक करने की मांग की।
अध्यक्ष और सीएमओ की जिम्मेदारी पर सवाल
सगीर खान ने आरोप लगाया कि पेयजल समस्या का समाधान करने के बजाय नगर पंचायत में राजनीति हो रही है। उनका कहना है कि मुख्य नगरपालिका अधिकारी पर दोषारोपण करके नगर पंचायत अध्यक्ष अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकते। जनता को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना जनप्रतिनिधियों और संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि वार्डवासियों की परेशानी को देखते हुए पेयजल समस्या के समाधान के लिए प्राथमिकता के आधार पर ठोस कदम उठाए जाने चाहिए, ताकि लोगों को नियमित पानी मिल सके।
वार्डवासियों को स्थायी समाधान का इंतजार
वार्ड क्रमांक 13 एवं 15 में पेयजल समस्या को लेकर उठाए गए सवालों के बीच अब अध्यक्ष निधि की राशि के उपयोग और नलकूप खनन की संभावनाओं पर स्थिति स्पष्ट होना जरूरी है। लगातार पानी की समस्या से परेशान वार्डवासियों को उम्मीद है कि नगर पंचायत प्रशासन इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द समाधान करेगा।
अब बड़ा सवाल यह है कि अध्यक्ष निधि में आवंटित लगभग 33 लाख रुपये किन कार्यों पर खर्च किए गए और आठ महीने से पेयजल संकट का सामना कर रहे वार्डवासियों को राहत कब मिलेगी?
